Sunday, October 18, 2009

मनु


ये मेरी बुआ का बड़ा बेटा मृणाल है; मगर हम लोग उसे मनु कहते हैं। वैसे तो वो पढने लिखने में काफी तेज़ है, (शक्ल से ही लगता है ) मगर है एकदम दब्बू क्योंकि कभी-कभी मेरे मन में ख्याल आता है की वो एक किताबी कीड़ा है , जरूरत से कहीं ज्यादा सीधा, और थोड़ा डरपोक भी क्योंकि आज तक उसने मेरे साथ कभी भी सड़क पर करते समय मेरा हाथ नहीं छोड़ा मगर इन सबके बाद भी मेरा सबसे अच्छा भाई है।
मेरे सभी भाई-बहनों में मुझे उसका साथ सबसे ज्यादा भाता है।
वैसे तो वो रिहन्दनगर में रहता है मगर वो कभी - कभी जैसे की सर्दी और गर्मियों की छुट्टियों , दशहरे और किसी दूसरे मौके पर इलाहबाद आता रहता है।
उसके घर पर भी कुछ दिनों में कंप्यूटर आने वाला है , मुझे भी इसका इन्तजार है क्योंकि फिर मै और वो चैटिंग कर सकेंगे ।
अब आप लोग मनु के बारे थोड़ा बहुत जान गए होंगे। आगे फिर कभी ....................

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